Ese Sundar School /ऐसे सुन्दर स्कूल - Paryavaran Ke Dohe @ Kavi Amrit 'Wani' (PD79)






गांव शहर ढाणी सभी, ऐसे सुन्दर स्कूल।
पल-पल हम सब को दिखे, खिले हुए सब फूल।।

शब्दार्थ :- ढाणी = कच्चे घरों की छोटी सी बस्ती

भावार्थ:- ’वाणी’ कविराज कहते है कि हमारे देश के शहर गांव सभी सार्वजनिक स्थल प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण हों चारों तरफ खूब हरियाली हो। वहां पहुँचत ही हर मल को अपार प्रसन्नता का अनुभव जिधर दृष्टि पड़े उधर इतने हरे-भरे पेड़-पौधो, नाना प्रकार के खिले हुए फूल दिखई दें कि दर्षकों के तन, मन प्रफुल्लित एवं उर्जावान हो जाएं ।