जब होए आपका विवाह ।
तभी करें भोग की चाह ।।
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Aids Rog kisi ko hoy nahi - एड्स रोग किसी को होय नहीं #Aids_Pe_Nare @ Kavi Amrit 'Wani (AD03)
एड्स रोग किसी को होय नहीं ।
दुनियां में इसका उपचार नहीं ।।
भावार्थ
मानव शरीर में कई बार कई बीमारियां ऐसी होती हैं जो बिना किसी विशेष कारणों के आ जाती और दो-पांच दिनों में विना दवाओं के ही चली जाती है । एड्स एक ऐसा रोग है जो वैसे तो मौसमी बीमारियों की तरह रस्ते चलते हर किसी को होता नहीं, किन्तु यदि एक बार यह महारोग किसी को पकड़ लेता है तो फिर उसको प्राण लेकर ही छोड़ता, क्योंकि आज तक इस रोग का कोई टीका नहीं बन पाया और न ही इस पर पूर्णतया विजय पाने वाली औषधियां बन पाई हैं ।
'वाणी' कविराज कहना चाहते हैं कि ईश्वर और प्रकृति तो आपकी मदद करेंगे ही किन्तु इससे पहले आप स्वयं अपने जीवन को ऐसी उच्च नैतिकता के साथ सुचारू ढंग से व्यतीत करने का सुदृढ मानस बनाएं कि आपके जीवन में ऐसे अचानक जान लेवा रोगों की सम्भावनाएं पूर्णतः समाप्त हो जाए ।
Sare Baiktriya Tab Nikale - सारे बैक्ट्रिया तब निकले #Aids_Pe_Slogans @ Kavi Amrit 'Wani (AD01)
सारे बैक्ट्रिया तब निकले ।
बीस मिनट तक सूई उबले ।।
भावार्थ अधिकांश बीमारियां विभिन्न प्रकार के बैक्ट्रिया के द्वारा फैलती है । शरीर में किसी भी प्रकार से बेविट्या के प्रवेश कर लेने के बाद वे धीरे-धीरे लाखों की तादाद में स्वजाति रोगाणुओं की संख्या बढ़ा लेते हैं । यदि शरीर की रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता कमजोर है तो उस बैक्ट्रिया का प्रभाव ज्यादा एवं शीघ्र होगा । प्रथम प्रयास हमें यह करना चाहिए कि ऐसे विषाणु हमारे शरीर में प्रवेश ही नहीं कर पाएं । इंजेक्शन की सूई के द्वारा भी ये शरीर में प्रवेश कर सकते हैं । सूई को 20 मिनट तक उबलते पानी में रखते हुए रोगाणुओं को पूर्णतः नष्ट किया जा सकता है । नई डिस्पोजल सीरिज के वनिस्पत 20 मिनट तक उबली हुई |
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