पद्मा एकादशी........................

 

तीन साल अकाल पड़ा, जनता सब घबराय ।

मान्धाता ऋषि वंश में, अंगीरा के जाय ।।

अंगीरा के जाय, गुरुवर दो सहज उपाय ।

एकादशी बताय, पद्मा मेघा बरसाय ।।

कह 'वाणी' कविराज, सुनो भैया दीन-हीन ।

हर ग्यारस का वास, सुधरे जनम तीन-तीन ।।