सारे दंपति चाहते, बच्चा-बच्ची होय  ।

होते जब कुछ भी नहीं, मनवा मन-मन रोय  ।।

मनवा मन-मन रोय, थक गए कर-कर उपाय  ।

है आईवीएफ, ज्यूं तिनका देय बचाय  ।।

कह 'वाणी' कविराज,लुईस ब्राउन दुलारे  ।

यह दिन उसकी याद, मनाते हैं वे सारे  ।।