
https://youtu.be/iKrUzoam0nU
जगदीश चंद्र बोस को समर्पित कविता | पौधों की संवेदना
पौधे भी अनुभव करे , कैसे कौन सताय ।
अलग-अलग संकेत को , क्रेस्कोग्राफ बताय ।।
क्रेस्कोग्राफ बताय , धड़कन कैसे चल रही ।
क्या होगा परिणाम , तबीयत क्यों मचल रही ।।
कह 'वाणी'कविराज , रहे क्यों वे डरे-डरे ।
कहे जगदीश बोस , पौधे भी अनुभव करे ।।
पौधे भी अनुभव करे , कैसे कौन सताय ।
अलग-अलग संकेत को , क्रेस्कोग्राफ बताय ।।
क्रेस्कोग्राफ बताय , धड़कन कैसे चल रही ।
क्या होगा परिणाम , तबीयत क्यों मचल रही ।।
कह 'वाणी'कविराज , रहे क्यों वे डरे-डरे ।
कहे जगदीश बोस , पौधे भी अनुभव करे ।।
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