मंगलवार, 16 मार्च 2010

भोजन की मात्रा




भोजन की उतनी ही मात्रा अमृत के समान  है, जिसे ग्रहण करने के बाद आप को,
किसी
भी कार्य में बाधा उत्पन्न  नहीं होय |

4 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

आवश्यक स्वास्थयवर्धक संदेश!

उम्दा सोच ने कहा…

थाली की फ़ोटो ने भूख बढा दी है अब दो रोटी ज़्यादा खानी पडेगी !

Ritu ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Ritu ने कहा…

अगर इस सत्य को इन्सान समझ ले तो दुनिया से कई बीमारियो का नामोनिशान ही मिट जाये