मंगलवार, 24 अगस्त 2010

खुश रहे बहिनें

खुश रहे बहिनें , पल पल यही ख्याल आए |
आफ़त के वक़्त भाई बहन की ढ़ाल बन जाए ||

करता रह इस तरहां तू हिफाजत अपनी बहनों की |
कि हुमायूँ से भी बेहतर तेरी मिशाल बन जाए ||






कवि :-अमृत'वाणी'

3 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बहुत ही सुन्दर रचना लिखी है आपने!
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भाई-बहिन के पावन पर्व रक्षा बन्धन की हार्दिक शुभकामनाएँ!

राणा प्रताप सिंह (Rana Pratap Singh) ने कहा…

रक्षाबंधन के पावन पर्व की ढेरों शुभकामनाएं

http://rp-sara.blogspot.com/2010/08/blog-post_23.html#comment-form

संगीता पुरी ने कहा…

बहुत सुंदर .. रक्षाबंधन की बधाई और शुभकामनाएं !!