गुरुवार, 7 जनवरी 2016

रक्त दान


समय समय पर करो  रक्त दान ।
हर जुबां कहेगी कितना महान ॥ 

कवि अमृत ‘वाणी’
अमृतलाल चंगेरिया (कुमावत)

शनिवार, 4 अप्रैल 2015

संता पे किरपा करो

संता पे किरपा करो,
       प्यारा पवन कुमार ।
साँसा सो बरसां चले ,
       सुमिरे यो संसार ॥

कवि अमृत  'वाणी'

सोमवार, 26 जनवरी 2015

आओ ऐसे दीप जलाए............


आओ ऐसे दीप जलाए | 
अंतर मन का तम मिट जाए || 

 मन निर्मल ज्यूं गंगा माता | 
राम भरत ज्यूँ सारे भ्राता || 

 रामायण की गाथा गाए | 
भवसागर से तर तर जाए || 

 चोरी हिंसा हम दूर भगाए |
 वंदे मातरम् मिल कर गाए || 

कवि अमृत 'वाणी'