शनिवार, 4 अप्रैल 2015

संता पे किरपा करो

संता पे किरपा करो,
       प्यारा पवन कुमार ।
साँसा सो बरसां चले ,
       सुमिरे यो संसार ॥

कवि अमृत  'वाणी'

1 टिप्पणी:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

हनुमान जयन्ती की हार्दिक मंगलकामनाओं के आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टि की चर्चा कल रविवार (05-04-2015) को "प्रकृति के रंग-मनुहार वाले दिन" { चर्चा - 1938 } पर भी होगी!
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सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'