गुरुवार, 10 जून 2010

आज का आदमी


आज का आदमी
अपनी गरीबी के कारण
बहुत कम
और
पडोसियों की तरक्की से

बहुत
ज्यादा दुखी है

अमृत 'वाणी'

4 टिप्‍पणियां:

आचार्य जी ने कहा…

आईये सुनें ... अमृत वाणी ।

आचार्य जी

Udan Tashtari ने कहा…

सत्य वचन!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बहुत सही!

निर्मला कपिला ने कहा…

सही कहा आपने आज का यही यथार्थ है शुभकामनायें