शनिवार, 17 अप्रैल 2010

हुआ है श्रीगणेश

काम बड़ा ही काम का , हो गया श्रीगणेश ।
सावधानी यह रखना , नाम रहे ना शेष ।।
नाम रहे ना शेष , नहीं गिनावे दुबारा ।
पहले उनसे पूछ , कब तक रहेगा प्यारा ।
’वाणी ’ मिलते दाम , डंका बाजे नाम का
अक्षर लिखना सुंदर  , अक्षर-अक्षर काम का ।।

भावार्थः-सारे देश में जनगणना का कार्य एक साथ प्रारंभ हो चुका है । प्रशिक्षण के दौर चल रहे हैं । सभी प्रगणक, पर्यवेक्षक एवं इससे जुड़े हुए सभी कर्मचारियों के लिए यह बड़े ही गर्व और उत्साहपूर्ण कार्य है। इस कार्य में प्रारंभ से लेकर अंत तक सबसे बड़ी सावधानी यही रखनी है कि कोई भी नाम एवं मकान ना तो गिनती से वंचित रहे एवं ना भूलवश दुबारा गिन लिया जाय । वार्ता के दौरान उत्तरदाता से यह स्पष्ट रूप से पूछ लेना चाहिए कि आप इस स्थान पर कितने समय तक रहने का मानस रखते हैं, क्योंकि प्रश्न संख्या एक के अंदर ही आपको उसकी निवास की स्थिति दर्शाते हुए कोड सं 1,2,3 में से कोई भी एक कोड अवश्य देना होगा ।
अमृत ’वाणी’ कविराज कहते हैं कि हे महानुभावों इस कार्य हेतु भारत सरकार द्वारा सम्मानजनक मानदेय देने के साथ-साथ आपके उत्कृष्ट कार्य की प्रशंसा करते हुए पुरुष्कृत करने का सुनियोजित प्रावधान भी है । नजरी नक्शा,मकान सूचीकरण,प्रगणक सार ,पावती रसीद इत्यादि समस्त कागजातों में आप जमा-जमा कर धीरे-धीरे सुंदर-सुंदर सुपाठ्य अक्षर लिखें यह सोच करके कि आपके हाथों से लिखा गया एक-एक अक्षर भावी राष्ट्र्ीय योजनाओं के लिए बहुत प्रभावी सिद्ध होगा ।
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कवि :- अमृत'वाणी'


मंगलवार, 13 अप्रैल 2010

सुन्दर प्रगणक

सारी जनता जानती ,क्या जनगणना होय
सुन्दर प्रगणक देखके , मदद करे सब कोय ।।
मदद करे सब कोय ,पूछो काम की बातें
बता तेरा पड़ोस, मिंया बीबी की बातें ।।
'वाणी'पूरा ध्यान ,बोले कोई कुंवारी
निकले अर्थ अनेक ,पछतायगा तू भारी ।।


भावार्थः-सम्पूर्ण देश में जनगणना के प्रथम चरण का काम प्रारंभ हो चुका है इसमे कई प्रगणक महानुभाव ऐसेभी हैं जो पहली बार यह राष्ट्रीय कार्य कर रहे हैं उन्हेंवाणीकविराज कहना चाहते हैं कि आज पूरा देश इस बात कोजानता है कि जनगणना का कार्य प्रारम्भ हो चुका है और यह कितनी महत्वपूर्ण प्रक्रिया है अच्छे प्रगणक एवंउनके अच्छे व्यवहार को देखकर सभी उनकी मदद करेंगे उनसे बातचीत के दौरान आप उनसे अनुसूचियों में भरनेसंबंधित आवश्यक बाते पूछें
आप उनसे उनके पड़ोस में रहने वाले दम्पत्तियों के एवं स्वयं उनके परिवार के बारे में भी कई जानकाारियां प्राप्तकर सकते हैं उत्तरदाता के रूप में कभी बुजुर्ग से कभी प्रौढ़ से तो कभी सुशिक्षित अल्हड़ कुंवारी से आपकीमुलाकात हो सकती है कुंवारियों से प्रश्नोत्तर के वक्त विशेष सावधानियां रखें क्योंकि कभी-कभी उनकी एक-एकबात के कई-कई अर्थ निकलते हैं
http://2.bp.blogspot.com/_fzGSm54-FaY/SpkKFzTvoTI/AAAAAAAAAO4/qTVF8_o7rH0/s400/boduraam+interview.JPG

:- कवि अमृत'वाणी'