सोमवार, 29 मार्च 2010

एक्स्ट्रा क्लास


बस्ता उठा टिंकू चला , चार चोराहे पार |
थक कर जब स्कूल पहुंचा , पता लगा रविवार ||
पता लगा रविवार , नहीं बजेगा घंटा घंटी |
पड़ेगी घर पर मार  , नहीं कल की गारंटी ||
फिर चलाया दिमाग , मम्मी करनी कक्षा  पास |
जाना   हर रविवार , चलेगी अब  एक्स्ट्रा क्लास ||

1 टिप्पणी:

Shekhar kumawat ने कहा…

मैं आपसे सहमत हूँ।

shekhar kumawat
http://kavyawani.blogspot.com/