मंगलवार, 23 मार्च 2010

तोते



तोते
एक सुबह के भूखे तोते
शाम के सूर्यास्त को देख कर
मेरी सो साल की
भाविस्य्वानी न करो
सामने के चोराहे को देख कर
बस इतना सा बताओ
की घर लोतुन्गा
या हास्पिटल
या सीधा मगघट
वहां
एक तोता और हे
मेरे मोहल्ले में वहा बता देगा
मुझे कल का भविष्य |

2 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत बढ़िया!

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हिन्दी में विशिष्ट लेखन का आपका योगदान सराहनीय है. आपको साधुवाद!!

लेखन के साथ साथ प्रतिभा प्रोत्साहन हेतु टिप्पणी करना आपका कर्तव्य है एवं भाषा के प्रचार प्रसार हेतु अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें. यह एक निवेदन मात्र है.

अनेक शुभकामनाएँ.

Suman ने कहा…

nice