बुधवार, 10 फ़रवरी 2010

प्यास



मई-जून की
इस तपती दोपहरी में
फ्रिज के
ठण्डे जल का
गिलास भी मेरे लिए
रूचिकर नहीं है
क्योंकि
अभी-अभी तो
सो कर उठा हूँ
मैं
कूलर की हवा से ।

6 टिप्‍पणियां:

RaniVishal ने कहा…

:)

Udan Tashtari ने कहा…

सही है!

संगीता पुरी ने कहा…

बढिया !!

Dr. Smt. ajit gupta ने कहा…

भैया गर्मी में तो प्‍यास लगती ही है। कूलर क्‍या एसी के बाद भी।

परमजीत बाली ने कहा…

बढ़िया!!

amritwani.com ने कहा…

आप सब का बहुत बहुत शुक्रिया

शेखर 'कुमावत'