बुधवार, 20 जनवरी 2010

राजस्थानी राम चालीसा


राम राम शिवजी जपे ,
हर हर बोले राम |
दुई नाम लारे जपो ,
सिध्द होय सब काम ||


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राजस्थानी राम चालीसा का दोहा
अमृत 'वाणी'

5 टिप्‍पणियां:

संगीता पुरी ने कहा…

बहुत बढिया !!

ललित शर्मा ने कहा…

राम नाम तो जपण बणी हूई है रीत
जपतां जपतां राम सुं हो जावेगी प्रीत

भाई जी थाने बसंत पंचमी की घणी-घणी बधाई

ओ टिप्पणी माडरे्शन हटा दीजो

ललित शर्मा ने कहा…

राम नाम तो जपण री बणी हूई है रीत
जपतां जपतां राम सुं हो जावेगी प्रीत

amritwani.com ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
amritwani.com ने कहा…

बहुत खुसी हुई की आप सभी को हमारे द्वारा लिखे इस राजस्थानी राम चालीसा का ये ब्लॉग पसंद आया हे

आप सभी को बसंत पंचमी की बहित बहुत बधाई

अमृत 'वाणी'.com